चेचक का होम्योपैथिक उपचार

चिकन पॉक्स एक
संक्रात्मक रोग है. सही समय पर इसका इलाज न हो, तो यह जानलेवा भी हो सकता है. यह
मुख्य रूप से 10-12 साल के बच्चों को प्रभावित करता है पर, यह बूढ़े लोगों को भी अपने चपेट
में ले आता है. चिकन पॉक्स ‘बेरिसिला’ वायरस के कारण होता है. यह इंफेक्शन के कारण
खासने या छींकने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलता है.इस रोग में मरीज को शुरुआती
दिनों में हल्की सर्दी के साथ बुखार आता है. साथ ही सिर दर्द, बदन दर्द और बेचैनी आदि की
भी शिकायतें आती हैं.
होमियोपैथी में है इलाज
बोरियोलिनम
सारासिनिया :
एक्रोनाइट नैप
एन्टिम टार्ट
आर्सेनिक एल्बम
कैंफर
सर-टॉक्सिकोडेंड्रन